अन्ध-विश्वास के साथ मेरी जंग : कुछ अनुभव -2
अन्ध-विश्वास के साथ मेरी जंग : कुछ अनुभव -2 -पंकज अवधिया अपने अभियानो मे सबसे अधिक आकर्षण हरेली अमावस्या की रात होने वाले अभियान का होता है जब एक काफिले के रुप हम लोग उन स्थानो का भ्रमण करते है जहाँ इस विशेष रात को आम लोग जाने से डरते है। भ्रमण का मुख्य उद्देश्य यह जताना होता है कि बुरी आत्मा जैसी कोई चीज नही होती। छत्तीसगढ मे यह मान्यता है कि इस रात टोनही अपनी साधना के लिये बाहर निकलती है। इसलिये रात को आम लोग घरो के अन्दर ही रहते है। टोनही का अर्थ सामान्य शब्दो मे ऐसी महिला से है जो जादू-टोना करती है। आपने छत्तीसगढ मे टोनही प्रताडना के मामले सुने और पढे होंगे। प्रतिवर्ष बहुत से ऐसे मामले प्रकाश मे आते है जिनमे किसी महिला को टोनही का नाम देकर उसे प्रताडित किया जाता है। प्रताडना की पराकाष्ठा यहाँ तक होती है कि महिलाओ को निर्वस्त्र तक कर दिया जाता है और फिर गाँव मे घुमाया जाता है। आजादी के इतने साल बाद भी यह सब जारी है। दूरस्थ अंचलो मे ही नही बल्कि आधुनिक महानगरो के आस-पास भी। आम तौर पर इस मान्यता की गहरी जडे है समाज मे और यही कारण है कि इसक...